शहतूत डैम पर अफगानिस्तान से समझौता, भारत हमारे विकास में सच्चा साझेदार: राष्ट्रपति गनी
नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कोरोना काल की वजह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए बात की। भारत और अफगानिस्तान की मंगलवार को द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस वर्चुअल समिट में दोनों के बीच कई अहम समझौत हुए। दोनों देशों ने वर्चुअली शहतूत डैम के निर्माण के एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस शिखर वार्ता में राष्ट्रपति गनी ने भारत को अफगानिस्तान के विकास में सच्चा साझेदार बताया। शहतूत डैम के निर्माण के एमओयू पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें खुशी है कि शहतूत बांध काबुल को पीने के पानी की सुविधा प्रदान करेगा और सिंचाई के उद्देश्य से भी इस्तेमाल किया जाएगा।
पीएम मोदी ने कहा कि आज हम भारत और अफगानिस्तान दोस्ती की लंबी राह में एक और मील का पत्थर रखने जा रहे हैं। भारत और अफगानिस्तान सिर्फ जियोग्राफी से ही नहीं बल्कि हमारे इतिहास और हमारे संस्कृति भी आपस में जुड़े रहे हैं और एक दूसरे को प्रभावित करते रहे हैं। भारत की ओर से अफगानिस्तान को 5 लाख स्वदेशी कोरोना वैक्सीन भी मुहैया कराई। समिट को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि पिछले लगभग 2 दशकों से भारत-अफगानिस्तान विकास के प्रमुख साझेदारों में रहा है। कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे अनेक सेक्टरों में हमारी ये योजनाएं फैली है। विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से भारत और अफगानिस्तान की दोस्ती और मजबूत हुई है। यही दोस्ती कोरोना महामारी के बीच दिखती रही।
चाहे दवाइयां हो या फिर पीपीई किट या भारत में बनी वैक्सीन की सप्लाई, हमारे लिए अफगानिस्तान की आवश्यकता महत्वपूर्ण रही है और रहेंगी। वहीं पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान दोनों ही देश आंतकवाद मुक्त देखना चाहते हैं। हम अफगानिस्तान में युद्ध विराम का समर्थन करते हैं। Video:गुलाम नबी आजाद का 14 साल पुराना वह इमोशनल वीडियो, जिसने PM Modi की आंखों में ला दिए आंसू कोरोना वैक्सीन पर जताया आभार भारत की ओर से 5 लाख कोरोना वैक्सीन की डोज देने के बाद अफगानिस्तान के राष्ट्रपति गनी ने कहा कि इस संकट काल के दौरान कोरोना वैक्सीन देने का भारत का निर्णय हमारे लिए इससे बड़ा तोहफा नहीं हो सकता है। राष्ट्रपति गनी ने कहा कि 'मैं प्रधानमंत्री मोदी को वैक्सीन के साथ जल के इस उपहार के लिए शुक्रिया अदा करता हूं। इस समिट में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के अलावा भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके अफगानी समकक्ष मोहम्मद हनीफ अतमर भी मौजूद रहें।

पाठको की राय